Thursday 28 May 2009

एक्सपेरिमेंट करें ?

आओ कुछ तो नया करे
चलो हम जिंदगी को उलझाते हैं,
लोग कहते हैं की सबसे अहम् रुपैया हैं
हम उसे जरुरत मंदों को बाँट आते
सपने हमने देखे हैं
कुछ धुंधले ख्वाब उसने भी देखे होंगे
कुछ करे की सच हो हर सपना
उन का
अपने ख्वाब ताक पर रख आते हैं
पंडितो को जीमा जीमा कर थक गए
कोई तकदीर ना बदली
इस बार ऑफिस का मुहूर्त
किसी मासूम बच्चे से निकलवाते हैं
रेलवे फाटक के पास जो मलिन बस्ती हैं
वहां से मेहमान बुलाते हैं
चलो थोडी चोरी करते हैं मुस्कराहट
अपने लिए
चलो गमो से दूर चले जाते हैं
तुम्हारे घर के पास
एक अनाथालय हैं
आज ऐतवार हैं, हम पैदल चले

बच्चो को गाड़ी दे आते हैं

Monday 18 May 2009

भारत की जनता ने अपनी राजनैतिक परिपक्वता का उदहारण पेश कर दिया। कांग्रेस को मजबूत स्थिति देकर जनता ने साफ़ soothri और स्थिर सरकार के लिए अपना जनादेश दिया हैं। पिछले आम chunaav me sonia गाँधी का tyaag और पूरे karykaal sonia, rahul और priyanka का कुर्सी का मोह न दिखाना iss बार congress को अच्छी badhat दे गया।

Rahul गाँधी और युवा कांग्रेस की नौजवानों को राजनीती में जोड़ने की कोशिस काबिले तारीफ़ हैं । भारतीय राजनीती का आमूल चूल परिवर्तन युवाओ से ही अपेक्षित हैं।