Thursday, 28 May, 2009

एक्सपेरिमेंट करें ?

आओ कुछ तो नया करे
चलो हम जिंदगी को उलझाते हैं,
लोग कहते हैं की सबसे अहम् रुपैया हैं
हम उसे जरुरत मंदों को बाँट आते
सपने हमने देखे हैं
कुछ धुंधले ख्वाब उसने भी देखे होंगे
कुछ करे की सच हो हर सपना
उन का
अपने ख्वाब ताक पर रख आते हैं
पंडितो को जीमा जीमा कर थक गए
कोई तकदीर ना बदली
इस बार ऑफिस का मुहूर्त
किसी मासूम बच्चे से निकलवाते हैं
रेलवे फाटक के पास जो मलिन बस्ती हैं
वहां से मेहमान बुलाते हैं
चलो थोडी चोरी करते हैं मुस्कराहट
अपने लिए
चलो गमो से दूर चले जाते हैं
तुम्हारे घर के पास
एक अनाथालय हैं
आज ऐतवार हैं, हम पैदल चले

बच्चो को गाड़ी दे आते हैं