Wednesday, 6 April, 2011

एक दिन तो देश के नाम कीजिये /


मेरे दोस्तों एक 70 साल का वृद्ध व्यक्ति महाराष्ट्र से चलकर आया हैं आपके शहर हम सब के लिए/ हमारे भविष्य के लिए, देश के लिए , भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए / भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए कड़े कानून बनाने की सख्त आवश्यकता हैं / पर पिछले 62 वर्ष में एक भी कानून पास नहीं हुआ संसद में जो करप्सन के विरुद्ध हो / करप्सन के खिलाफ देश में कोई सख्त कानून नहीं हैं / बड़े से बड़ा भ्रष्टाचारी भी ३-४ साल की जेल काटने के बाद हजारो करोड़ के घोटाले से अर्जित धन का स्वामी बन सकता हैं / इस देश में १०० रुपये की रिश्वत लेने वाला तो 17 साल कोर्ट में केस लड़ने के बाद १ महीने की कैद की सजा पाता हैं और दूसरी तरफ हजारो करोड़ के घपले बाज कानून की कमियों का फायदा उठाकर न्याय का बलात्कार करते फिरते हैं /
ये
शराब में मिलावट तो बड़ी आम सी बात हो गयी हैं / नकली शराब पीकर मरने वालो को समाज भी ताने देता हैं , ठीक हुआ मर गया साला / पर नवरात्री में माता के व्रत के आहार में मिलावट इसको क्या कहेगे आप ? कुट्टू के आटे की बनी रोटिया खाकर सैकड़ो लोग बीमार पद गए कौन जवाब देह हैं / जनता इस मिलावट को कैसे चेक करे ? खाद्य विभाग तो खाने में व्यस्त हैं , ऍफ़ सी आई के गोदामों में रासन सड़ रहा हैं / करोडो लोगो को दो वक़्त का भोजन नसीब नहीं हैं / अम्बानी बंधू सारे देश के वाणिज्य व्यापार पर एक छत्र अधिकार करने में लगे हुए हैं / सरकार देश की लुटिया डुबोने में आमादा हैं / अब तो सोचिये , एक दिन तो देश के नाम कीजिये / जंतर मंतर आईये सपरिवार /

4 comments:

Udan Tashtari said...

हम साथ हैं..

सुशील बाकलीवाल said...

भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता दिखाएँ.
हम साथ हैं...

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनयुद्ध

Rajesh R. Singh said...

ओ सत्ता के शैतानों , अन्ना का कहना मानो

honesty project democracy said...

शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार से मुक्ति के बाद ही आम लोग ईमानदारी से जीवन यापन कर पायेंगे...इसलिए अन्ना जी का ये जनयुद्ध ही सबके हित का युद्ध है...आपका आभार इस युद्ध में शामिल होने के लिए....