Tuesday, 9 June, 2009

अगाथा संगमा


केन्द्रीय ग्रामीण विकाश राज्य मंत्री : अगाथा संगमा

हो तो छोटी सी,
सात बहनों के देश से,
महाबाहु ब्रह्मपुत्र ,
मानस और बुडी दीहिंग
कितनी नदिया
जाने कितने ही झील झरने
गारो , जयंतिया,खासी, नागा , पट्कायी
और जाने कितनी छोटी मोटी पहाडिया
गर्वित हैं , आशावादी हैं
कितने कसबे, गाँव कबीले
देखने लगे हैं सपने, खुली आँखों से
मेखला पहने
कितनी हजारो चुलबुली नृत्यान्ग्णाये
देख रही हैं तुम्हारे चेहरे में
अपना रूप ।

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