Sunday, 28 September, 2008

माँ

गंगा

इतने पापियो को
लगातार दोषमुक्त करना
लाखो टन पाप
निरंतर अपने में समेटना
इतना उदार ह्रदय
इतना उन्नत वक्ष
तुम ही कर सकती हो माँ

तुमसे ही सीखा हैं
भारतीय माताओ के अन्तः ने
संतानों के विछोह में
वक्ष स्थल भिगोना
और गौ माताओ ने
लरजते नेत्रों से , ताकते हुए बछडे को,
दूध पिलाने की आस में
ग्वाले को दूहने देना ।

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